नुक्ताचीनी का नया पता

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Thursday, July 22, 2004

चिट्ठा विश्व का नया संस्करण

हिन्दी चिट्ठों के संसार की अनंतर दास्तां प्रस्तुत करने के प्रयास में कुछ सुधार के बाद, चिट्ठा विश्व नए रुप में प्रस्तुत है, जिसमें चिट्ठाकार व चिट्ठा परिचय के स्तंभ जोड़े गए हैं। पद्मजा और नीरव का धन्यवाद करना चाहुँगा जिन्होने इस कार्य में योगदान दिया है। जनभागीदारी की अपेक्षा रखते हुए आपका भी सहयोग चाहता हूँ। अपनी राय से मुझे अवगत करावेंगे तो खुशी होगी। चिट्ठाकारों के परिचय के लिए मैं व्यक्तिगत रूप से चिट्ठाकारों को लिख रहा हूँ, पर कई दफा ईमेल पता उपलब्ध न होने के कारण हो सकता है सभी को न लिख पाऊं, इस लेख को आमंत्रण मान कर आप मुझे चिट्ठा विश्व पर मौजूद विधि द्वारा संपर्क कर सकते हैं। यदि आप किसी हिन्दी चिट्ठे की समीक्षा करना चाहें तो उत्तम, कुछ और विषय पर सार गर्भित लेख लिखना चाहें तो संकोच न करें। चौपाल में चर्चा करना चाहें तो अक्षरग्राम तो है ही।

2 comments:

Debashish said...

देवाशीषजी, देखा-देखी हमने भी चिट्ठे बनाये हैं.फुरसतिया(www.fursatiya.blogspot.com) और ठेलुहा (www.theluwa.blogspot.com).क्या उसे भी आपकी मोहल्ले चौपाल में जगह मिल सकती है?

Anup Shukla [09.15.04 - 2:09 pm]

Debashish said...

स्वागत का शुक्रिया.हमने बहुत कोशिश की पर बात लिख नहीं पाया चौपाल पर सो अपने चिट्ठे में लिखना पडा.पढिये न फुरसतिया.

Anup Shukla [09.18.04 - 11:23 pm]