नुक्ताचीनी का नया पता

घबराईये नहीं नुक्ताचीनी बंद नहीं हुई, बस अब नई जगह होती है ! नुक्ताचीनी का नया पता है http://nuktachini.debashish.com नुक्ताचीनी की फीड का पाठक बनने हेतु यहाँ क्लिक करें

Thursday, February 26, 2004

वनवास से वापसी

तकरीबन ३ सप्ताह के ब्लॉग वनवास के बाद वापसी हो रही है। अभी पूर्ण रूप से मन भी नहीं बन पा रहा है। सब नया सा लग रहा है। १२ फरवरी को मेरी माताजी के पेट के अल्सर की शल्यक्रिया की गई। सब ठीक रहा, वो अब घर आ गईं हैं। सुखद बात ये रही कि एक ही चरण में ये शल्यक्रिया हो गई, सर्जन पहले इसे दो चरणों में करने वाले थे, तीन माह पश्चात एक शल्यक्रिया और होती, ईश्वर की कृपा से वह टल गया। किसी भी शल्यक्रिया में डर तो रहता ही है, माँ की उम्र व स्वास्थ्य के लिहाज़ से खतरा ज़रा ज्यादा था।

हिन्दी चिट्ठों कि दुनिया में इस बीच काफी हलचल हुई है लगता है। देखना है अपना मूड कब कब तक बन पाता है।

No comments: