आलोक और पद्मजा के बाद अब मेरी बारी हिंदी चिठ्ठों की दुनिया में प्रवेश की। पर भारत पाक की बातचीत की तरह ज्यादा उम्मीदें न रखें। रफ्तार तो नल प्वाईंटर वाली ही रहेगी, बदलेगा तो बस अंदाज़े बयां।
नुक्ता चीनी, यानि नल प्वाईंटर का विशुद्ध देशी संस्करण, जहाँ आप पढ़ सकते हैं देबाशीष की देशी विदेशी घटनाक्रम तथा सामाजिक, राजनीतिक और तकनीकी मसलों पर बिना लाग-लपेट बेबाक नुक्ता चीनी, और इसके अलावा भी बहुत कुछ!